चुनावी रंग में संयुक्त मोर्चा, कांग्रेस व भाजपा ने चुनाव प्रचार में लगा दिया पूरा जोर

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद। जिले के दल्ली राजहरा नगर पालिका चुनाव में भाजपा, कांग्रेस और संयुक्त मोर्चा ने प्रचार-प्रसार में जोर-शोर से जुट गए हैं। सभी पार्टियों ने अपने-अपने प्रत्याशियों के साथ जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। हालांकि, कुछ वार्डों में प्रत्याशियों के चयन को लेकर विवाद और असंतोष के बादल भी मंडरा रहे हैं, जिससे पार्टियों को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
गुंडा किस्म का रायपुर का भगोड़ा अपराधी राजहरा में पार्षद बन नगर पालिका उपाध्यक्ष का सपना संजोए बैठा है। वहीं उसके इर्द गिर्द मंडराने वाले इसके चेले खुद चाहते है कि ये हार जाए। अपराधी प्रवृत्ति व अपराध के कामों में जुड़े होने के कारण शहर में इसकी छवि गुंडे के रूप में है वही नगरीय निकाय चुनाव से ठीक पहले इसके द्वारा खुलेआम जिले के एक वरिष्ठ पत्रकार को जान से मारने की खुलेआम धमकी दी है। वहीं इसके द्वारा अवैध कारोबार को बंद करने लगातार कार्यवाही के कारण राजहरा थाना प्रभारी सुनील तिर्की को शहर से हटाने एसपी ऑफिस घेराव की चुनौती दी गई थी। पत्रकार के द्वारा इस संबंध में समाचार का प्रकाशन किया गया था जिससे इसके सारे मंसूबे फेल हो गए थे।
बड़ी अजीब बार यह है कि बीजेपी ने ऐसे व्यक्ति विशाल मोटवानी को शहर के मुख्य वार्ड 24 बस स्टैण्ड से पार्षद पद हेतु उम्मीदवार का टिकिट दे दिया है। वहीं कर्मठ भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है। आपको बता दे कि राजहरा के मतदाताओं ने इस बार मन बना लिया था कि इस बार नगर पालिका अध्यक्ष के लिए भाजपा को चुनेंगे क्योंकि हर बार यहां कांग्रेस का उम्मीदवार ही नगर पालिका अध्यक्ष के ताज को अपने माथे पर सजाता है। वहीं लोगों का मानना है कि बदलाव होने से विकास के रास्ते खुलते है। लेकिन पार्टी ने अपने एक वार्ड में गलत वार्ड प्रत्याशी को चुनकर अपने ही ताबूत में खुद कील ठोंक दी है।
आपको बता दें कि नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस में आपसी गुटबाजी के चलते कांग्रेस को इस बार बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। वहीं कांग्रेस का एक धड़ा अंदर ही अंदर पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी रवि जायसवाल के खिलाफ तानेबाने बुन रहा है। पार्टी में अपने आप को बड़ा नेता मानने वाले कई नेता अध्यक्ष बनने का सपना संजोए बैठे थे वहीं पार्टी ने गहन सोच विचार कर एक बेहतर और जुझारू व्यक्ति को पार्टी का उम्मीदवार बनाया है।
वहीं एक ओर मजदूरों के मेहनत से जानी पहचानी जाने वाली खनिज नगरी दल्ली राजहरा में शुरू से ही मजदूर यूनियन का दबदबा रहा है। ऐसे में शहीद शंकर गुहा नियोगी के मजदूर यूनियन, छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा और अन्य यूनियन व संगठनों ने नगर के विकास के लिए लड़ाई लड़नें वाले जुझारू नेता संतोष देवांगन को चुनावी रण में उतार बिगुल फूंक दिया है। आपको बता दें कि संतोष देवांगन ने नगर के विकास और नगरवासियों के सुखद भविष्य के लिए कई लड़ाइयां लड़ी। आपको बता दें कि ये शुरू से ही भाजपा से जुड़े थे लेकिन भाजपा की नीति रीति इनके रास नहीं आई जिसके कारण ये आम आदमी पार्टी में चले गए थे। वहीं भाजपा के आला नेताओं ने इन्हें वापिस अपनी पार्टी में बुला लिया। वहीं भाजपा ने इन्हें टिकट न देकर इन्हें निराश कर दिया। जिसके बाद इन्होंने संयुक्त मोर्चा से जुड़ चुनाव लड़ने की सोची। वहीं ये देश व प्रदेश के सुर्खियों में बने रहने वाले मजदूर यूनियन, छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा से जुड़कर नगर के विकास के लिए ये चुनाव मैदान में उतर चुके है।
बता दें कि संतोष देवांगन नगर पालिका उपाध्यक्ष के पद पर रहते हुए भी नगर पालिका अध्यक्ष शिबु नायर के खिलाफ व नगर पालिका मे हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ अवाज उठाते हुए नगर पालिका अध्यक्ष शिबु नायर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का अगवाई किए थे। वार्ड क्रमांक 15 मनोहर आफिस से वार्ड नम्बर 17 रुखमणी घर तक बनी नाली व सडक मे हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार आवाज उठाई। उन्होंने कई बार भ्रष्टाचार के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर नगर पालिका अध्यक्ष का घेराव किया। नगर के नागरिक को मुलभुत सुविधा दिलाने बेरोजगारो को रोजगार दिलाने बीएसपी प्रबंधन के द्वारा नगर पालिका परिषद को लीज क्षेत्र को संपत्ति कर के रूप मे 256 करोड से भी अधिक की राशि वसूली की मांग करते हुए नगर पालिका परिषद से बीएसपी प्रबंधन को पत्रचार कर अनेक बार प्रशासन के समझ बैठक कर शहर का हक लेने हेतु पहल की गई।
आपको बता दें कि प्रदेश में सत्ताधारी भाजपा की सरकार होने के कारण जानकार लोगों का कहना है कि इसी पार्टी का अध्यक्ष बनने से पार्टी इस बात का खास ख्याल रखा जाता और राजहरा के विकास के सभी रास्ते खोल दिए जाते। वहीं पार्टी ने जुम्मा जुम्मा चार दिन हुए भाजपा प्रवेश करने वाले कार्यकर्ता को नगर पालिका अध्यक्ष पद पर पार्टी ने टिकट दे दिया। जिससे भाजपा के काफी कार्यकर्ता व नेता खासे नाराज है। जिससे भाजपा के मेहनती व जुझारू कार्यकताओं ने उदासी छा गई है।
जानकार लोगों का मानना है कि भाजपा और कांग्रेस में गुटबाजी के चलते इन दोनों पार्टियों के किले कमजोर हो रहे है। वहीं भाजपा से अपराधी किस्म के व्यक्ति को नगर के मुख्य वार्ड से टिकट दिए जाने से मतदाताओं के बीच पार्टी की छवि धूमिल हो गई है जिससे पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। वहीं टिकट दिए जाने के तुरंत बाद राजहरा भाजपा मंडल अध्यक्ष को इस मुद्दे पर विचार कर प्रत्याशी बदलने सुझाव भी दिए गए थे। लेकिन पार्टी ने अभी हाल ही में नया मंडल अध्यक्ष चुना है जिसे अनुभव की कमी के चलते इन्होंने इस बाबत विचार विमर्श नहीं किया। वहीं कांग्रेस ने वार्ड क्रमांक 24 से दोबारा बबला खापर्डे को पार्षद प्रत्याशी चुना है जिनकी छवि वार्ड में काफी बेहतर है। वहीं ये हर सुख दुख ने वार्डवासियों के साथ खड़े रहते है। जिसके चलते ये लगातार वार्ड पार्षद बनते है।
आपको बता दें कि दल्ली राजहरा में भाजपा पार्षद टी ज्योति को सभी जानते है उनके सभी से अच्छे संबंध है वही ये वार्ड क्रमांक 26 में पार्षद है और लगातार वार्ड पार्षद बनती आई है। इनकी छवि वार्ड में ही नहीं पूरे नगर में बहुत अच्छी है। लेकिन इस बार भाजपा के नेताओं को क्या सुझी की साफ सुथरी छवि के नेताओं को किनारे कर दिया। मजबूरन भाजपा की कद्दावर नेता टी ज्योति ने वार्ड क्रमांक 26 से निर्दलीय चुनाव लड़ने का निर्णय ले लिया है। साफ जाहिर है भाजपा ने इस बार अनुभवी नेताओं को कुर्सी से हटाकर गलती कर दी जिसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ सकता है। वहीं पार्षद टी ज्योति ने पार्टी से टिकट न दिए जाने को अपने अधिकारों का हनन बताया है। उनका कहना है कि जनता के सेवा के इरादे से दोबारा निर्दलीय चुनाव लड़ रही है।
दल्ली राजहरा वार्ड नंबर 09 से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस बार युवा और ऊर्जावान नेत्री कुमारी रावटे को चुनावी टिकट प्रदान किया है। पार्टी के इस फैसले से वार्ड के स्थानीय निवासियों में खुशी की लहर है। कुमारी रावटे को एक मिलनसार, जुझारू और जनसमुदाय से सीधा जुड़ाव रखने वाली नेता के तौर पर जाना जाता है। उनके नामांकन के बाद से ही वार्ड में उत्साह का माहौल है, जहाँ नागरिकों ने उनके समर्पण और सक्रियता को चुनावी सफलता की गारंटी बताया है।
वार्ड के पूर्व भाजपा पार्षद ललित जॉन ने भी कुमारी के समर्थन में मजबूती से खड़े होकर पार्टी के फैसले का स्वागत किया है। जॉन ने कहा, “कुमारी रावटे ने हमेशा समाज सेवा और वार्ड के विकास को प्राथमिकता दी है। उनका नेतृत्व वार्ड की जनता के लिए वरदान साबित होगा।” वहीं वार्ड की महिलाओं ने बताया, “कुमारी दीदी हमारी समस्याओं को तुरंत सुनती हैं और निस्वार्थ काम करती हैं। उन्हें पार्टी का टिकट वार्ड के हित में सही निर्णय है।”
वहीं, शहर की जनता ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वे उसी उम्मीदवार को वोट देंगे, जो शहर के विकास और समस्याओं के समाधान के लिए ईमानदारी से काम करे। स्थानीय निवासियों ने कहा, “हमें चाहिए एक ऐसा नेता, जो सड़क, पानी, बिजली, जमीन के पट्टे और स्वच्छता जैसी मूलभूत समस्याओं पर ध्यान दे।”
चुनावी मैदान में तीनों पार्टियों के बीच कड़ी टक्कर की उम्मीद है। जनता की उम्मीदों के साथ-साथ पार्टियों की रणनीति और प्रत्याशियों का जनसंपर्क इस चुनाव का निर्णायक मोड़ साबित होगा।