लैलूँगा : केराबाहार में अवैध ईंट माफिया का आतंक, प्रशासन की खामोशी पर उठे सवाल ! पेड़ों की कटाई से उजड़ रहा जंगल, सरकारी राजस्व को करोड़ों की चपत !…

रायगढ़। जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र अंतर्गत केराबाहार के मंडलपारा में अवैध ईंट भट्ठों का ऐसा काला खेल चल रहा है कि जंगलों की चीत्कार भी प्रशासन के बहरे कानों तक नहीं पहुंच रही। हजारों पेड़ रातोंरात काटकर ईंट बनाने की भट्ठियों में झोंक दिए जा रहे हैं, लेकिन वन विभाग और राजस्व विभाग के अफसर जानबूझकर आंखें बंद किए बैठे हैं। सवाल उठता है कि क्या इन अफसरों की जेबें भर चुकी हैं, या फिर अवैध माफिया के डर से ये अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं?…
प्रशासन की खुली लूट, ईंट माफिया का नंगा नाच : गांव के लोग दहशत में हैं, लेकिन अधिकारी मजे में हैं। लाल ईंटों की ऊंची दीवारें जंगल के लाशों पर खड़ी हो रही हैं। साफ है कि इस गोरखधंधे को ऊपर से नीचे तक सरकारी संरक्षण मिला हुआ है। वरना इतनी बड़ी पैमाने पर अवैध कटाई और व्यापार कैसे फल-फूल सकता है? क्या पुलिस-प्रशासन को लकवा मार गया है, या फिर मोटी घूस ने उनकी रीढ़ की हड्डी तोड़ दी है?…
कौन हैं असली गुनहगार? : सूत्र बताते हैं कि इस अवैध कारोबार में कई प्रभावशाली चेहरे और कथित सफेदपोश नेता भी शामिल हैं, जो प्रशासन की मिलीभगत से जंगलों को चट कर रहे हैं। गांव के किसान और गरीब आदिवासी परेशान हैं, लेकिन उनकी सुनवाई कहीं नहीं हो रही।
राज्य सरकार के आदेशों की खुलेआम धज्जियां : एक तरफ सरकार अवैध खनन और जंगलों की कटाई पर रोक लगाने के बड़े-बड़े दावे करती है, दूसरी तरफ लैलूँगा में सरकारी आदेशों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
अब देखना यह है कि प्रशासन अपनी नींद से कब जागता है? क्या माफियाओं की गर्दन पर कानून की सख्ती होगी, या फिर भ्रष्ट अफसरों की जेबें गर्म करने के लिए जंगलों का सफाया यूं ही चलता रहेगा?…