रायपुर : पूर्व विधायक विकास उपाध्याय पर गंभीर आरोप : कांग्रेस कार्यकर्ता को व्हाट्सएप पर जान से मारने की धमकी, राजनीतिक रंजिश का मामला गरमाया…

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में भूचाल ला देने वाला मामला सामने आया है। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय पर कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता राकेश सिंह बैस ने व्हाट्सएप के जरिए जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। बैस ने पुलिस के उच्च अधिकारियों और प्रदेश के डीजीपी अरुण देव गौतम से शिकायत कर सुरक्षा की मांग की है।
व्हाट्सएप पर धमकी : ‘मेरे गुंडे तेरी जान ले लेंगे’ : राकेश बैस ने बताया कि 27 फरवरी की रात 10:30 से 11 बजे के बीच पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने उन्हें व्हाट्सएप पर अपशब्द कहे और जान से मारने की धमकी दी। बैस के अनुसार, संदेश में लिखा गया:
“मेरी पहुंच बहुत ऊपर तक है, मेरे गुंडे तेरी जान ले लेंगे, तेरे बच्चों को भी खत्म कर दूंगा।”
इस धमकी के बाद बैस और उनके परिवार ने खुद को असुरक्षित महसूस किया और तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
राजनीतिक दुश्मनी का आरोप : राकेश बैस का कहना है कि वे पिछले 35 वर्षों से कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता हैं और पार्टी में विभिन्न पदों पर रह चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 2023 के विधानसभा चुनाव में विकास उपाध्याय की करारी हार के बाद से वह राजनीतिक द्वेष रखने लगे। हाल ही में हुए लोकसभा और नगरीय निकाय चुनावों में कांग्रेस की हार ने इस दुश्मनी को और गहरा कर दिया। बैस का कहना है कि पार्टी में उनका कद लगातार बढ़ रहा था, जिससे उपाध्याय उनसे चिढ़े हुए थे।
पहले भी झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश : राकेश बैस ने आरोप लगाया कि जब विकास उपाध्याय विधायक थे, तब उन्होंने उनके परिवार को झूठे केसों में फंसाने की साजिश रची।
- परिवार के खिलाफ फर्जी केस – बैस का दावा है कि राजनीतिक रंजिश के चलते उनके परिवार पर झूठे मामले दर्ज करवाए गए।
- बुजुर्ग मां को परेशान करने की साजिश – बैस ने कहा कि उनकी बुजुर्ग मां को सोसायटी से बाहर निकालने की भी साजिश रची गई।
व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट सार्वजनिक, जांच की मांग : राकेश बैस ने इस पूरे मामले से जुड़े व्हाट्सएप चैट और कॉल लॉग के स्क्रीनशॉट सार्वजनिक कर दिए हैं, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
अब सवाल उठता है कि पुलिस इस हाई-प्रोफाइल मामले में कितनी तेजी और निष्पक्षता से कार्रवाई करेगी।
पुलिस जांच और कांग्रेस में हलचल : इस पूरे विवाद के बाद कांग्रेस के अंदरखाने में भी हलचल तेज हो गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं, जबकि भाजपा इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर हमलावर हो सकती है।
अब देखना होगा कि क्या पुलिस निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेगी या मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। क्या कांग्रेस इस पर अपनी चुप्पी तोड़ेगी? ये सवाल अब प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बने हुए हैं।