रायगढ़

रायगढ़ में पर्यावरण की हत्या ! पंचायती धर्मशाला में महाजुटान, जनता ने भरी हुंकार, अब होगा आर-पार का आंदोलन…

रायगढ़। कार्तिक राम पोर्ते : जिले में पर्यावरण की बर्बादी, जंगलों की लूट और किसानों की दुर्दशा पर अब जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। पंचायती धर्मशाला में सैकड़ों पर्यावरण प्रेमी, सामाजिक कार्यकर्ता, किसान और जागरूक नागरिकों ने एकजुट होकर प्रशासन को सीधी चेतावनी दे दी है— या तो जनहित में ठोस कदम उठाए जाएं, या फिर रायगढ़ में ऐतिहासिक जनआंदोलन खड़ा होगा, जिसे कोई ताकत नहीं रोक पाएगी!

रायगढ़ का दम घोंट रहा जहरीला धुआं, जंगलों को लूटा जा रहा, किसान बर्बाद – कब जागेगा प्रशासन? : बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि रायगढ़ अब धीरे-धीरे मौत की ओर बढ़ रहा है।

  1. हवा में जहर घुल चुका है, सांस लेना मुश्किल हो चुका है।
  2. जंगलों की अंधाधुंध कटाई जारी है, जिससे प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है।
  3. नदियों का पानी जहरीला हो चुका है, किसान बेबस हैं, फसलें चौपट हो रही हैं।
  4. उद्योगों को फायदा पहुंचाने के लिए जमीनें छीनी जा रही हैं, आदिवासी विस्थापित हो रहे हैं।

बैठक में निर्णय लिया गया कि अब केवल ज्ञापन देने और अपील करने का समय खत्म हो चुका है। जनता अब सड़कों पर उतरने के लिए तैयार है।

बैठक में लिया गया ऐतिहासिक फैसला-जनता खुद करेगी आंदोलन : बैठक में मौजूद वरिष्ठ अधिवक्ता वासुदेव शर्मा, राधेश्याम शर्मा, जयंत बहिदार, राजेश त्रिपाठी और नीलकंठ साहू समेत सैकड़ों नागरिकों ने एकजुट होकर जनता के नेतृत्व में एक निर्णायक संघर्ष छेड़ने की घोषणा कर दी।

  • अब हर गांव-गांव में जनजागरण अभियान चलेगा।
  • प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी।
  • यदि जंगलों की कटाई नहीं रुकी तो जनता खुद मोर्चा संभालेगी।
  • किसानों और आदिवासियों के हक के लिए आंदोलन और तेज किया जाएगा।

अब सिर्फ चेतावनी नहीं, निर्णायक कार्रवाई होगी : बैठक में गूंजा कि अब सिर्फ बयानबाजी नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक संघर्ष की तैयारी की जा रही है। रायगढ़ की जनता अब अन्याय और शोषण के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है। प्रशासन के पास अब दो ही रास्ते हैं या तो तुरंत ठोस कदम उठाए, दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे, पर्यावरण और किसानों की रक्षा के लिए नीति बनाए, या फिर जनता का आक्रोश किसी बड़े जनांदोलन में बदल जाएगा, जिसकी गूंज पूरे देश में सुनाई देगी।

रायगढ़ अब चुप नहीं बैठेगा-शासन प्रशासन अब भी सोता रहा, तो इतिहास में दर्ज होगी यह बगावत!…

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