रायगढ़ छठ महापर्व : कलेक्टर साहब कुछ तो कीजिये?…प्रशासन की लापरवाही से गंदे पानी में अर्घ्य देने को मजबूर व्रती!…

रायगढ़।आस्था के महापर्व छठ की पवित्रता इस बार प्रशासनिक उदासीनता की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। करोड़ों की लागत से बने वाटर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की विफलता के चलते व्रती गंदे पानी में स्नान और अर्घ्य देने को मजबूर हैं। प्रशासन द्वारा छठ घाटों की सफाई कर दी गई, लेकिन नदी का जल बदबूदार और अशुद्ध बना हुआ है।
करोड़ों खर्च, फिर भी गंदा पानी : शहर के गंदे नालों का पानी सीधे नदी में गिरने से रोकने के लिए करोड़ों रुपये की योजना बनी थी, लेकिन इसके बावजूद जल की गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं हुआ। स्थानीय लोग और श्रद्धालु सवाल उठा रहे हैं कि अगर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बना था, तो उसका फायदा जनता को क्यों नहीं मिल रहा?
डेम से पानी न छोड़ने का बहाना : हर साल छठ से पहले प्रशासन द्वारा केलो डेम के गेट खोलकर नदी को साफ किया जाता था, लेकिन इस बार “पानी कम होने” का हवाला देकर गेट नहीं खोले गए। नतीजा? श्रद्धालु और व्रती मजबूरन गंदे और दूषित पानी में स्नान कर रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
प्रशासन पर भड़के श्रद्धालु और सामाजिक कार्यकर्ता : स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन की इस लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि अगर तत्काल इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो भविष्य में बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
क्या प्रशासन अब भी जागेगा, या हर साल छठ पर्व पर श्रद्धालुओं को इसी दुर्दशा का सामना करना पड़ेगा?…