रायगढ़

रायगढ़ : करंट से दो किसानों की दर्दनाक मौत : बिजली विभाग की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों को …

रायगढ़, 2 मार्च 2025: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। खेत में कीटनाशक दवा छिड़कते वक्त करंट लगने से दो किसानों की मौके पर ही मौत हो गई। बिजली विभाग की लापरवाही के कारण हुआ यह हादसा प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

कैसे हुआ हादसा? : पुसौर ब्लॉक के रेंगालपाली गांव में शनिवार सुबह किसान सीताराम सिदार (40) और सुभाष निषाद (55) अपने खेतों में फसल पर दवा छिड़क रहे थे। खेत में एक बोरवेल का बिजली तार कटकर जमीन पर गिरा हुआ था, जिसे देखकर दोनों किसान अनजान थे। जैसे ही उन्होंने कदम आगे बढ़ाया, तेज करंट की चपेट में आ गए।

पहले सीताराम सिदार करंट की चपेट में आए और तड़पने लगे। यह देख सुभाष निषाद उन्हें बचाने दौड़े, लेकिन वे भी झटके में जमीन पर गिर पड़े। जब तक आसपास के लोग कुछ समझ पाते, दोनों की सांसें थम चुकी थीं।

बिजली विभाग पर गंभीर आरोप :

  • ग्रामीणों का आरोप है कि इस कटे हुए तार की शिकायत एक हफ्ते पहले बिजली विभाग को दी गई थी, लेकिन अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की।
  • गांववालों ने कहा कि अगर समय रहते बिजली विभाग सतर्क होता, तो दो जानें बच सकती थीं।
  • घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है, और उन्होंने बिजली विभाग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

परिवारों में कोहराम, मुआवजे की मांग : घटना के बाद मृतकों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। सीताराम सिदार के तीन छोटे बच्चे और सुभाष निषाद के घर में एक वृद्ध मां और पत्नी हैं, जिनकी पूरी जिंदगी अब अंधकार में डूब गई है।

परिजनों और ग्रामीणों ने सरकार से 25-25 लाख रुपये मुआवजा और दोषी बिजली अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

प्रशासन की लीपापोती :

  • पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है लेकिन बिजली विभाग के अधिकारियों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई
  • प्रशासन ने मुआवजे का आश्वासन दिया है, लेकिन कब मिलेगा, इस पर कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया।
  • गांव में इस हादसे के बाद भारी आक्रोश है, और ग्रामीणों ने प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।

सरकार से देने होंगे जवाब :

  1. बिजली विभाग कब तक अपनी लापरवाहियों से निर्दोष लोगों की जान लेता रहेगा?
  2. किसानों की सुरक्षा के लिए सरकार कब तक केवल आश्वासन ही देती रहेगी?
  3. क्या बिजली विभाग के दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई होगी या फिर यह मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?

कब सुधरेगा प्रशासन? : इस घटना ने एक बार फिर सरकारी तंत्र की असंवेदनशीलता और लापरवाही को उजागर कर दिया है। अगर प्रशासन ने पहले कार्रवाई की होती, तो आज दो निर्दोष किसानों की जान न जाती। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या सरकार दोषियों पर कार्रवाई करेगी, या फिर हमेशा की तरह इस दर्दनाक हादसे को भी फाइलों में दफना दिया जाएगा?

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