रायगढ़ : एनडीपीएस मामलों की विवेचना पर कार्यशाला आयोजित, पुलिस अधीक्षक ने दिए कड़े निर्देश…

रायगढ़। अपराधों की विवेचना को अधिक सुदृढ़ और न्यायसंगत बनाने के उद्देश्य से रायगढ़ पुलिस द्वारा प्रत्येक शनिवार को विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग कुमार पटेल के निर्देशन में नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम से संबंधित महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में एनडीपीएस मामलों की विवेचना में होने वाली संभावित त्रुटियों और उनके प्रभावों पर विशेष चर्चा की गई।
इस अहम कार्यशाला में पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आकाश मरकाम, डीएसपी अनिल विश्वकर्मा, उन्नति ठाकुर, सुशांतो बनर्जी, एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल, थाना प्रभारी पुसौर निरीक्षक रोहित बंजारे एवं उप निरीक्षक गिरधारी साव समेत जिले के सभी थाना व चौकी प्रभारी मौजूद रहे। तहसील क्षेत्र के थाना प्रभारियों ने वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की।
एनडीपीएस मामलों की विवेचना में सख्ती और सावधानी जरूरी-पुलिस अधीक्षक : कार्यशाला को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल ने कहा कि एनडीपीएस कानून अत्यंत संवेदनशील है और इसमें विवेचना की जरा-सी चूक भी आरोपियों को कानून के शिकंजे से बचने का अवसर दे सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विवेचकों को मजबूत साक्ष्य संकलन, वैज्ञानिक तरीकों का उपयोग और विधिक प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करना चाहिए, ताकि आरोपी को कठोर दंड दिलाया जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एनडीपीएस से जुड़े मामलों में पुलिस को बेहद सतर्क और पेशेवर तरीके से कार्य करना होगा। विवेचना में त्रुटिहीन दस्तावेजीकरण, गवाहों के बयान और फॉरेंसिक साक्ष्यों का उचित संकलन अनिवार्य है, ताकि अदालत में मजबूत पैरवी हो सके।
विवेचना में होने वाली सामान्य चूकों पर हुई विस्तृत चर्चा : एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल, थाना प्रभारी पुसौर निरीक्षक रोहित बंजारे और उप निरीक्षक गिरधारी साव ने एनडीपीएस मामलों की विवेचना में अक्सर होने वाली त्रुटियों और न्यायालय के महत्वपूर्ण निर्णयों पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान निम्नलिखित मुद्दों पर गहन मंथन हुआ-
- मौके पर जब्ती की प्रक्रिया में सावधानी बरतने की आवश्यकता।
- गवाहों के बयान लेते समय कानूनी प्रावधानों का सख्ती से पालन।
- मामले में वैज्ञानिक साक्ष्यों की भूमिका और फॉरेंसिक रिपोर्ट का महत्व।
- विवेचना के दौरान तकनीकी गलतियों से बचने के उपाय।
रायगढ़ पुलिस की अनूठी पहल-हर शनिवार होगी विशेष कार्यशाला : पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल ने कहा कि रायगढ़ पुलिस अपराध नियंत्रण और प्रभावी विवेचना के लिए लगातार नई रणनीतियों को लागू कर रही है। हर शनिवार आयोजित होने वाली इन कार्यशालाओं का मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारियों और विवेचकों को अद्यतन कानूनी जानकारियां देना एवं उनकी कार्यक्षमता को बढ़ाना है। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि रायगढ़ पुलिस का हर अधिकारी कानूनी मामलों में पूरी तरह दक्ष हो और अपराधियों को सजा दिलाने के लिए पूरी निष्ठा और कानून सम्मत तरीके से कार्य करे।”
एनडीपीएस मामलों की जटिलताओं को समझने और विवेचना की गुणवत्ता सुधारने के लिए इस कार्यशाला का आयोजन अत्यंत उपयोगी रहा। पुलिस अधीक्षक ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विवेचना के हर चरण में पूरी सतर्कता और कानूनी प्रक्रिया का सख्ती से पालन करें। रायगढ़ पुलिस द्वारा शुरू की गई यह पहल निश्चित रूप से अपराधों की विवेचना को और अधिक प्रभावी बनाएगी और अपराधियों को कानून के शिकंजे से बचने नहीं देगी।