बिलासपुर

बिलासपुर: धर्मांतरण के आरोप में मसीही परिवार पर हमला, हिन्दूवादी संगठन के प्रमुख पर मारपीट और धमकी का गंभीर आरोप…

बिलासपुर। जिले के मस्तुरी थाना क्षेत्र में धर्मांतरण के नाम पर हिंसा और दहशत फैलाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। रवि कुमार कैवर्त ने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को दी गई शिकायत में आरोप लगाया है कि राम सिंह ठाकुर, जो स्वयं को हिन्दूवादी संगठन का प्रमुख बताता है, ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर उसके घर में घुसकर मारपीट, गाली-गलौच और जान से मारने की धमकी दी।

धर्मांतरण का झूठा आरोप लगाकर परिवार को बनाया निशाना : रवि कुमार कैवर्त, निवासी दैहानपारा, वार्ड नं. 12, थाना-मस्तुरी, जिला-बिलासपुर, ने बताया कि 21 मार्च 2025, शुक्रवार की शाम 7 बजे जब वह अपने घर में था और कुछ रिश्तेदार भी वहां मौजूद थे, तभी अचानक राम सिंह ठाकुर अपने गुंडों के साथ जबरन घर में घुस आया।

आरोपी ने धर्मांतरण का झूठा आरोप लगाते हुए कहा, “तुम लोगों का ज्यादा हो गया है, तुम लोग यहाँ धर्मांतरण कर रहे हो, लोगों को भड़का रहे हो,” और फिर धक्का-मुक्की शुरू कर दी। परिवार में मौजूद दो महिलाओं के साथ भी बदसलूकी की गई, उनके हाथ और बाहें पकड़कर जबरन धक्का दिया गया। साथ ही, पूरा परिवार डर के साये में जीने को मजबूर है क्योंकि आरोपियों ने जान से मारने की खुली धमकी दी है।

कलेक्टर और एसपी से न्याय की गुहार : पीड़ित का कहना है कि इस घटना से उसकी और उसके परिवार की प्रतिष्ठा को गहरा आघात पहुंचा है। उसने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से अपील की है कि राम सिंह ठाकुर और उसके सहयोगियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें गिरफ्तार किया जाए।

“धर्मांतरण अब राजनीतिक मुद्दा, मसीही समाज पर साजिशन हमले” – विजय मेश्राम : इस मामले को लेकर मसीही समाज के अध्यक्ष एवं लीगल एडवाइजर विजय मेश्राम ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “आज धर्मांतरण कोई धार्मिक या सामाजिक मुद्दा नहीं, बल्कि पूरी तरह से राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। कुछ संगठनों द्वारा इसे हथियार बनाकर समाज में दहशत फैलाई जा रही है।” उन्होंने अनुच्छेद 25 का हवाला देते हुए कहा कि “संविधान में हर व्यक्ति को अपने धर्म के प्रचार का अधिकार है, लेकिन छत्तीसगढ़ में मसीही समाज को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।”

मसीही समाज की चेतावनी: छत्तीसगढ़ में होगा बड़ा आंदोलन : मसीही समाज ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं करता तो छत्तीसगढ़ में एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

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