बालोद

प्रेम की होली बनी मौत का रंग : गुलाल लगाया, फिर फांसी के फंदे पर झूल गए प्रेमी…

बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में होली के रंग में डूबे एक प्रेमी जोड़े ने ऐसा खौफनाक कदम उठाया, जिसे सुनकर रूह कांप जाए। पहले उन्होंने एक-दूसरे को गुलाल लगाया, फिर उसी रंग को अपनी मौत की अंतिम निशानी बना दिया। समाज और परिवार की अस्वीकृति के बीच दम तोड़ते इश्क ने दो जिंदगियों को निगल लिया।

गुलाल के बाद गले में फंदा : यह दर्दनाक घटना डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र के संजारी चौकी अंतर्गत एक गांव की है। 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा और 23 वर्षीय युवक का प्यार समाज के तथाकथित ठेकेदारों को मंजूर नहीं था। जब रिश्तों पर पहरे लगे, तो उन्होंने होली को अपनी अंतिम विदाई बना ली।

युवक अपने मामा के गांव में रहता था और होली के लिए अपने पैतृक गांव आया था। उसने घर की चाबी मांगी और अंदर चला गया। जब वह वापस नहीं लौटा और फोन बंद मिला, तो परिजन उसे खोजते हुए वहां पहुंचे। दरवाजा खुलते ही जो मंजर दिखा, उसने सबके पैरों तले जमीन खिसका दी। कमरे में दोनों प्रेमी फांसी के फंदे पर लटके हुए थे।

समाज का फैसला : जीने नहीं दिया, मरने को मजबूर कर दिया : गांववालों के मुताबिक, युवक पेशे से ड्राइवर था और अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी मां दूसरे प्रदेश में मजदूरी करती थी। समाज की बंदिशों ने दोनों को इतना मजबूर कर दिया कि उन्होंने जीवन से ही नाता तोड़ लिया।

होली जैसे खुशी के त्योहार पर यह घटना सिर्फ आत्महत्या नहीं, बल्कि उन जंजीरों का सबूत है जो प्रेम को कैद कर मार डालती हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन समाज के इस खौफनाक सच पर अब भी चुप्पी छाई हुई है।

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