रायगढ़

पुसौर : सजा छुपाने पर गिरी गाज : पॉक्सो केस में दोषी शिक्षक की सेवा समाप्त…

रायगढ़। जिले के पुसौर ब्लॉक में पदस्थ एक शिक्षक को पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी पाए जाने के बाद सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। शिक्षक संतोष कुमार साव को फास्ट ट्रैक कोर्ट, रायगढ़ ने पांच साल की सजा और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके बावजूद, उसने हाईकोर्ट से अपनी सजा पर रोक लगने की भ्रामक जानकारी विभाग को दी और न्यायालय के आदेशों को छिपाने का प्रयास किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग, आरपी आदित्य ने शिक्षक को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 की कंडिका 10 के तहत 4 अक्टूबर 2018 से प्रभावी रूप से सरकारी सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया

क्या है पूरा मामला? शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, पुसौर में कार्यरत शिक्षक संतोष कुमार साव के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज होने पर उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। बाद में, फास्ट ट्रैक कोर्ट, रायगढ़ ने उसे पांच साल की सजा सुनाई। शिक्षक ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील कर जमानत तो हासिल कर ली, लेकिन कोर्ट ने सजा पर रोक नहीं लगाई। बल्कि, उसे हर सुनवाई में फास्ट ट्रैक कोर्ट में हाजिर रहने का निर्देश दिया। इसके बावजूद, शिक्षक ने हाईकोर्ट के आदेश को गलत तरीके से पेश किया और विभाग को भ्रमित करने की कोशिश की। जब यह बात सामने आई तो जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ), रायगढ़ ने 13 फरवरी को सेवा समाप्ति की कार्रवाई की पुष्टि की

शिक्षा विभाग की सख्ती : शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी सरकारी कर्मचारी द्वारा न्यायालय के आदेशों को छिपाना गंभीर अनुशासनहीनता मानी जाएगी। संयुक्त संचालक आरपी आदित्य ने इस आधार पर शिक्षक की सेवा समाप्त करने का कड़ा निर्णय लिया, जिससे यह संदेश जाए कि शिक्षा जगत में अनुशासनहीनता और अपराधों के लिए कोई जगह नहीं है।

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