जशपुर में सनसनीखेज हत्या का 24 घंटे में पर्दाफाश ! महिला सरपंच की हत्या का खुलासा, आरोपी निकला जेठ-अंधविश्वास बना खौफनाक वजह…

जशपुर। जिले में महिला सरपंच की निर्मम हत्या ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी, लेकिन जशपुर पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। चौकाने वाली बात यह है कि मृतका का हत्यारा कोई और नहीं, बल्कि उसका अपना ही जेठ निकला। पुलिस जांच में यह सामने आया कि अंधविश्वास और घरेलू ईर्ष्या के चलते आरोपी ने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया और गिरफ्तारी के बाद भी उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है।
हत्या के पीछे का खौफनाक सच : मामला थाना तुमला क्षेत्र के ग्राम डोंगादरहा का है, जहां 38 वर्षीय नव-निर्वाचित महिला सरपंच प्रभावती बाई की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। मृतका के सिर और गले पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। पुलिस ने घटना के 24 घंटे के अंदर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। हत्यारे की पहचान 42 वर्षीय पुस्तम सिंह सिदार के रूप में हुई, जो मृतका का जेठ है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से अपने परिवार की परेशानियों से मानसिक रूप से टूट चुका था और उसे अपनी भाभी से गहरी रंजिश थी।
कैसे हुआ कत्ल का खुलासा? :
- पुलिस को मिले अहम सुराग: घटना की जानकारी मिलते ही एसएसपी जशपुर शशि मोहन सिंह के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम गठित की गई। इसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, एसडीओपी पत्थलगांव ध्रुवेश कुमार जायसवाल, साइबर सेल, डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक एक्सपर्ट को शामिल किया गया।
- परिवार के भीतर ही था कातिल: शुरुआती जांच में संदेह था कि हत्या राजनीतिक रंजिश का परिणाम हो सकती है। लेकिन जब पुलिस ने मृतका के परिवार के सदस्यों से गहन पूछताछ की, तो शक की सुई घर के ही किसी सदस्य पर जा टिकी।
- झूठ से घिरी जेठानी: पूछताछ के दौरान मृतका की जेठानी ने खुद को हत्यारा बताने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसके कमजोर स्वास्थ्य को देखते हुए उसकी बात को खारिज कर दिया।
- मनोवैज्ञानिक दबाव में टूटा आरोपी: जब पुलिस ने पुस्तम सिंह को हिरासत में लेकर मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की, तो उसने सच उगल दिया। उसने बताया कि मृतका अंधविश्वास में लिप्त थी और उसकी वजह से उसका परिवार हमेशा परेशान रहता था। इसी गुस्से में उसने घर में रखी कुल्हाड़ी से वार कर उसकी हत्या कर दी।
हत्या का हथियार बरामद – आरोपी जेल में : पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद कर ली है। आरोपी के खिलाफ थाना तुमला चौकी कोल्हेनझरिया में बी.एन.एस. की धारा 103(1) के तहत अपराध दर्ज कर उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
पुलिस टीम को मिला इनाम : एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा, “यह मामला बेहद संवेदनशील था। हमारी पुलिस टीम ने अत्यंत प्रोफेशनल तरीके से 24 घंटे के भीतर इसे सुलझाया। पुलिस टीम को इस सराहनीय कार्य के लिए नगद इनाम से पुरस्कृत किया गया।”
आरोपी के इकबालिया बयान से पुलिस भी रह गई दंग : पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि मृतका हमेशा उसके परिवार का मजाक उड़ाती थी और अंधविश्वास में विश्वास करती थी, जिससे उसके परिवार के लोग बीमार रहने लगे थे। कुछ दिनों पहले आरोपी ने आत्महत्या की कोशिश भी की थी और अपनी पत्नी व तीन बेटियों को जहर देकर मारने की योजना बना रहा था। लेकिन अंततः उसने अपनी भाभी की हत्या कर दी।
पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी वारदात : महिला सरपंच की हत्या के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई थी। कई लोग इसे राजनीतिक हत्या मान रहे थे, लेकिन पुलिस की तेज कार्रवाई और सूझबूझ से असली कातिल बेनकाब हो गया।
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि अपराध कितना भी गूढ़ क्यों न हो, पुलिस की सतर्कता और प्रोफेशनल जांच से कोई भी आरोपी बच नहीं सकता।