छत्तीसगढ़ में वक्फ संपत्ति पर माफियाओं का कब्जा! 500 करोड़ की जमीन की अवैध बिक्री, अब होगी सख्त कार्रवाई…

रायपुर। छत्तीसगढ़ में अल्लाह की राह में दान दी गई वक्फ संपत्तियों पर माफियाओं और कारोबारियों ने अपना कब्जा जमा लिया है! वक्फ बोर्ड द्वारा कराई गई जांच में खुलासा हुआ है कि करीब 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की जमीनें अवैध रूप से बेची जा चुकी हैं। इतना ही नहीं, डिजिटल दस्तावेजों में हेराफेरी कर कई संपत्तियां 30-40 साल पहले ही गायब कर दी गईं थीं।
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने बताया कि पूरे प्रदेश में 5000 करोड़ की वक्फ संपत्ति है, जिसमें से 90% पर अवैध कब्जे हो चुके हैं। रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर सहित कई जिलों में यह गड़बड़ियां सामने आई हैं।
कैसे हुआ वक्फ संपत्तियों का सौदा : बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, जिन जमाने में डिजिटल नक्शे नहीं होते थे, उस समय भी फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीनों की खरीदी-बिक्री की गई। जगदलपुर में तो वक्फ बोर्ड की जमीन पर हेलीपैड तक बना दिया गया, और अब उसके लिए सरकार से मुआवजा लेने की प्रक्रिया चल रही है!
अवैध सौदों की जांच में बड़ा खुलासा : बोर्ड द्वारा कराई गई गहन जांच में सामने आया कि 1380 करोड़ 90 लाख रुपये की संपत्तियों का दस्तावेजी रिकॉर्ड मिल चुका है। लेकिन छत्तीसगढ़ में असल में 5000 करोड़ रुपये की वक्फ प्रॉपर्टी मौजूद है, जिसमें से अधिकांश पर कब्जा हो चुका है।
अब क्या करेगी सरकार? : वक्फ बोर्ड ने सभी कलेक्टरों और रजिस्ट्रारों को पत्र लिखकर अवैध रजिस्ट्रियों को शून्य करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। यह संपत्ति न तो बेची जा सकती थी, न ही इसका सौदा हो सकता था। बावजूद इसके, माफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से इसे हड़प लिया गया।
बिलासपुर बना अवैध सौदों का गढ़ : रिकॉर्ड के मुताबिक, बिलासपुर में 277 एकड़ वक्फ संपत्ति है, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा है। दुर्ग में 24 एकड़, अंबिकापुर में 4 एकड़ और जगदलपुर में भी करोड़ों की वक्फ संपत्ति पर विवाद है।
अब सवाल उठता है – क्या सरकार वक्फ संपत्तियों को माफियाओं के कब्जे से मुक्त करवा पाएगी?
क्या 500 करोड़ की हड़पी गई जमीन वापस मिलेगी? देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दफन होकर रह जाता है!