घरघोड़ा नगर पंचायत में विकास कार्यों पर साजिशन रोक! जनता के हक पर राजनीतिक खेल?

घरघोड़ा : नगर पंचायत घरघोड़ा में विकास कार्यों को रोकने की सुनियोजित साजिश सामने आ रही है। यहां के नागरिकों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं को राजनीतिक मतभेदों और स्वार्थपूर्ण मंशाओं की भेंट चढ़ाया जा रहा है। नगर में सीसी रोड, ड्रेनेज, स्ट्रीट लाइट और अन्य निर्माण कार्यों को जानबूझकर बाधित किया जा रहा है। आलम यह है कि जो योजनाएं जनता के जीवन को आसान बना सकती थीं, वे अब कागजों में ही सिमटकर रह गई हैं।
राजनीतिक रस्साकशी में पिस रहा विकास : नगर पंचायत में पिछले कुछ वर्षों में कई विकास परियोजनाएं प्रस्तावित की गई थीं, लेकिन अब इन्हें साजिश के तहत रोका जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ प्रभावशाली स्थानीय नेताओं और अधिकारियों की मिलीभगत से विकास कार्यों पर जानबूझकर रोक लगाई जा रही है।
- बजट स्वीकृत होने के बावजूद कार्य नहीं हो रहे।
- नगर पंचायत के अंदरूनी मतभेदों के चलते जनता को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
- विभिन्न योजनाओं को कानूनी उलझनों में फंसाकर जानबूझकर रोका जा रहा है।
RTI के नाम पर विकास रोकने की साजिश? सूचना के अधिकार (RTI) का इस्तेमाल पारदर्शिता और जनता को सही जानकारी देने के लिए किया जाना चाहिए, लेकिन घरघोड़ा नगर पंचायत में इसका दुरुपयोग हो रहा है। विकास कार्यों में बाधा डालने के लिए बार-बार RTI डाली जा रही है, जिससे कार्यों में अनावश्यक देरी हो रही है।
👉 वार्ड क्रमांक 09 में प्रस्तावित सीसी रोड निर्माण कार्य
👉 मुख्यमंत्री अधोसंरचना मद से स्वीकृत कई योजनाएं
👉 मुक्तिधाम, तालाब सौंदर्यीकरण, साप्ताहिक बाजार रोड जैसे कई विकास कार्य
सभी योजनाओं को राजनीतिक लड़ाई का शिकार बना दिया गया है। वास्तविकता यह है कि जनता की भलाई से अधिक राजनीतिक रंजिश को तवज्जो दी जा रही है।
बजट स्वीकृत, लेकिन निर्माण कार्य ठप : घरघोड़ा नगर पंचायत में कई विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये स्वीकृत किए गए थे, लेकिन राजनीतिक षड्यंत्रों के कारण ये कार्य अधर में लटके हुए हैं।
नगर पंचायत में सत्ता संघर्ष, जनता की अनदेखी : घरघोड़ा नगर पंचायत में वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों के बीच सत्ता संघर्ष चरम पर है।
👉 वर्तमान नेतृत्व पर विकास कार्य रोकने के आरोप।
👉 पूर्व नेतृत्व के कार्यों की जांच के नाम पर योजनाओं को अटकाया गया।
👉 जनप्रतिनिधियों का आपसी टकराव जनता के लिए मुसीबत बन रहा है।
जनता से जुड़े मुद्दे :
- खराब सड़कें, टूटी नालियां, कचरे का अंबार
- सार्वजनिक सुविधाओं की हालत बदतर
- नए निर्माण कार्यों की धीमी गति
- नगर पंचायत की अंदरूनी लड़ाई ने जनता के सपनों और उम्मीदों को तोड़ दिया है।
क्या भाजपा के नेता खुद ही विकास कार्यों में बाधक? घरघोड़ा में विकास कार्यों को प्रभावित करने में भाजपा नेताओं की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष और पूर्व सांसद प्रतिनिधि भाजपा की भूमिका इस पूरे मामले में संदिग्ध मानी जा रही है।
- क्या भाजपा नेताओं ने खुद ही विकास कार्यों को रोकने की साजिश रची?
- क्या योजनाओं को ठेकेदारों और अधिकारियों से सांठगांठ कर लटकाया गया?
- क्या यह जनता के धन का दुरुपयोग है?
- इन सवालों के जवाब नगर पंचायत और संबंधित अधिकारियों को देने होंगे।
RTI का जवाब नहीं तो आंदोलन तय! अगर नगर पंचायत ने RTI आवेदन का जवाब नहीं दिया, तो यह मामला और गंभीर हो सकता है।
- ✅ अगर फाइलें छिपाने की कोशिश की गई, तो कानूनी कार्रवाई होगी।
- ✅ अगर विकास कार्यों को रोका गया, तो जनआंदोलन होगा।
- ✅ अगर गड़बड़ी सामने आई, तो संबंधित अधिकारियों और नेताओं पर कार्रवाई तय है।
क्या जनता को मिलेगा न्याय? अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या नगर पंचायत अपनी जिम्मेदारी निभाएगी, या फिर यह खेल चलता रहेगा?
👉 क्या विकास कार्यों को फिर से शुरू किया जाएगा?
👉 क्या नगर पंचायत जनता की मूलभूत जरूरतों को गंभीरता से लेगी?
👉 क्या राजनीतिक हस्तक्षेप को रोककर सही निर्णय लिए जाएंगे?
अगर नगर प्रशासन, पार्षदगण और जिम्मेदार लोग जल्द कार्रवाई नहीं करते, तो यह मामला बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है।