कोरबा में कोयला कारोबार पर खूनी वर्चस्व की जंग : भाजपा मंडल अध्यक्ष ने 20-25 गुंडों संग मिलकर कारोबारी को काट डाला, थाना प्रभारी की मिलीभगत उजागर, लाइन अटैच…

कोरबा। जिले के पाली में शुक्रवार रात भाजपा नेता रोशन सिंह ठाकुर ने अपने भाई, भांजे और 20-25 साथियों के साथ मिलकर कोयला कारोबारी रोहित जायसवाल (35) को बेरहमी से काट डाला! धारदार हथियारों से हुए इस खौफनाक कत्लेआम के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।
साजिश के तहत की गई हत्या : सरायपाली एसईसीएल बुड़बुड़ खदान में कोयला लोडिंग को लेकर पहले से चल रहे विवाद ने खूनी शक्ल ले ली। रोहित जायसवाल अपने तीन साथियों के साथ खदान पहुंचा था, तभी भाजपा मंडल अध्यक्ष रोशन सिंह ठाकुर अपने गुंडों की फौज लेकर वहां धमक पड़ा। पहले कहासुनी हुई, फिर देखते ही देखते रोशन सिंह और उसके गुर्गों ने रोहित पर टूट पड़े! चाकू, तलवार और रॉड से ताबड़तोड़ वार किए गए। खून से लथपथ रोहित को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कोयला माफिया का असली चेहरा : रोहित और रोशन दोनों कोयला ट्रांसपोर्टर थे। लेकिन रोशन की खदान के अंदर इतनी जबरदस्त सेटिंग थी कि वह बढ़िया कोयला अपनी गाड़ियों में लोड कराता था और घटिया कोयला रोहित को भेजता था। यह खेल लंबे समय से चल रहा था, जिससे रोहित को भारी नुकसान हो रहा था। इसी टकराव ने रोहित की जान ले ली।
पुलिस की मिलीभगत उजागर ! थाना प्रभारी पर गिरी गाज : मृतक के भाई अनिल जायसवाल ने खुलासा किया कि यह विवाद पिछले छह महीने से चल रहा था। पुलिस को कई बार शिकायत दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सवाल उठता है-क्या पाली थाना प्रभारी की इस हत्याकांड में मिलीभगत थी? वारदात के बाद दबाव में आए एसपी ने थाना प्रभारी विनोद सिन्हा को लाइन अटैच कर दिया और युवराज तिवारी को नया थाना प्रभारी बना दिया।
इलाके में बवाल, पाली बंद, पुलिस हाई अलर्ट पर : इस निर्मम हत्या के बाद जनता का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित भीड़ ने कई गाड़ियों को तोड़ दिया और पाली बाजार को जबरन बंद करवा दिया। हालात काबू में रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। घटना के बाद एसपी सिद्धार्थ तिवारी समेत जिले के कई बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे।
आरोपियों का सरेंडर, पुलिस के शिकंजे में मुख्य गुनहगार : पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि बाकी ने खुद थाने पहुंचकर सरेंडर कर दिया। इस हत्याकांड में शामिल भाजपा नेता रोशन ठाकुर, गौरव सिंह ठाकुर, वासु ठाकुर, सौरभ श्रीवास, सुशांत ठाकुर उर्फ सीजू, संस्कार ठाकुर, मोंटी कश्यप, मुकेश श्रीवास, सुनील सागर, प्रभात दुबे, निलेश सिंह राज, कैलाश कैवर्त, अनिल मरावी उर्फ छोटू, मयंक सिंह ठाकुर, सूरज पासवान और सुरेंद्र सिंह चौहान पर मामला दर्ज किया गया है।
फरार गुंडों को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। लेकिन बड़ा सवाल ये है—क्या कोयला माफिया पर सच में लगाम लगेगी, या फिर सत्ता के संरक्षण में ये खूनी खेल जारी रहेगा?