“कुनकुरी में जबरन धर्मांतरण का सनसनीखेज मामला : होली क्रॉस नर्सिंग कॉलेज की हिंदू छात्रा ने प्रिंसिपल पर लगाए गंभीर आरोप, हिंदू संगठनों में उबाल!”…

जशपुर। जिले के कुनकुरी से आया ये मामला सिर्फ एक कॉलेज का नहीं, बल्कि एक साजिश का आईना है – जहां शिक्षा के नाम पर चल रही थी धर्मांतरण की खौफनाक फैक्ट्री ! होली क्रॉस नर्सिंग कॉलेज कुनकुरी की एक बहादुर हिंदू छात्रा ने कॉलेज की प्रिंसिपल सिस्टर विंसी जोसफ पर नन बनने और जबरन धर्मांतरण का दबाव बनाने का सनसनीखेज खुलासा किया है। छात्रा का गुनाह? उसने अपना धर्म बदलने से इंकार कर दिया!
धर्म बदलो, या कॉलेज छोड़ो : छात्रा ने आरोप लगाया कि एडमिशन के कुछ महीनों बाद से ही उस पर मानसिक दबाव बनना शुरू हो गया। उसे बार-बार “ईश्वर का मार्ग अपनाने”, “नन बनने” और “ईसाई धर्म कबूल करने” की बातें कही गईं। जब उसने साफ मना कर दिया, तो उसके खिलाफ कॉलेज ने खुली जंग छेड़ दी। 1 अप्रैल को उसे सीधे हॉस्टल से निकाल बाहर किया गया, जैसे कोई अपराधी हो!
परीक्षा से बाहर करने की साजिश : छात्रा ने बताया कि उसे कॉलेज में घुसने तक से रोका गया। पढ़ाई, परीक्षा और प्रैक्टिकल – हर मोर्चे पर उसे मानसिक प्रताड़ना दी गई। जब छात्रा ने ऊपर शिकायत की धमकी दी, तब कहीं जाकर उसे परीक्षा में बैठने दिया गया। लेकिन प्रैक्टिकल से बाहर रखने की साजिश फिर भी की गई – ताकि उसका भविष्य खत्म किया जा सके।
कलेक्टर-एसपी से लगाई न्याय की गुहार : अब छात्रा ने हिम्मत दिखाते हुए जशपुर कलेक्टर और एसपी से शिकायत की है। उसने साफ-साफ कहा – “मैं हिंदू हूँ, और जब तक जिंदा हूँ, अपना धर्म नहीं बदलूँगी। पर इसके लिए मुझे कॉलेज से निकाल देना, क्या यही न्याय है?”
हिंदू संगठनों का फूटा गुस्सा – संस्था बंद करने की माँग : पूरा जशपुर जिला इस शर्मनाक घटना से सुलग उठा है। विश्व हिंदू परिषद के जिला प्रमुख करनैल सिंह ने खुलकर चेतावनी दी है – “गरीब हिंदू बेटियों के धर्मांतरण की फैक्ट्री को तुरंत बंद किया जाए! दोषियों को जेल भेजा जाए, और कॉलेज की मान्यता रद्द की जाए!”
प्रिंसिपल की सफाई – लेकिन सवाल खड़े हैं : हालांकि आरोपी प्रिंसिपल ने सारे आरोपों को “झूठा और बेबुनियाद” बताया है, लेकिन छात्रा की हिम्मत और बयान से माहौल गरम हो चुका है। कॉलेज प्रशासन सवालों के घेरे में है।
क्या जशपुर की बेटियाँ सुरक्षित हैं?
क्या शिक्षा के मंदिर को धर्मांतरण का अड्डा बनने दिया जाएगा?
क्या अब बेटियों को पढ़ाई के बदले धर्म बदलने की कीमत चुकानी होगी?
जनता पूछ रही है – प्रशासन कब जागेगा?